सासाराम, जुलाई 15 -- चेनारी, एक संवाददाता। कैमूर की तराई में स्थित कृषि प्रधान चेनारी प्रखंड में परंपरागत सिंचाई व्यवस्था लगभग ध्वस्त हो चुकी है। धान की रोपनी का समय अपने चरम पर है, लेकिन सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने से अधिकांश किसान बारिश के भरोसे खेती करने को विवश हैं। प्रखंड के करीब 80 फीसदी खेतों की सिंचाई आज भी मानसून पर निर्भर है। जहां निजी बोरिंग की सुविधा है, वहां किसी तरह रोपनी हो रही है, जबकि कई गांवों में खेत अब भी परती पड़े हैं। उमस भरी गर्मी और बारिश की अनिश्चितता ने किसानों और खेतिहर मजदूरों की परेशानी और बढ़ा दी है। यह भी पढ़ें- Deogarh News: करौं : कृषि कार्य में जुटे प्रखंड के किसान यह भी पढ़ें- Sasaram News: चेनारी में ध्वस्त हो चुकी है परंपरागत सिंचाई व्यवस्था

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