छपरा, दिसम्बर 30 -- बनियापुर, एक प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र के चेतन छपरा मोड़ पर श्रीरामचरितमानस नवाह्नपाठ यज्ञ का 55 वां वार्षिक अधिवेशन के तीसरे दिन भी प्रवचन पाठ का श्रोता भक्तों ने लाभ उठाया। तीसरे दिन प्रवचन करते हुए अयोध्या से पधारे संत श्रीशुभमजी महाराज ने कहा कि हर एक मनुष्य के जीवन में चरित्रबल और सुख का संघर्ष चलता रहता है जो सुखभोग करना चाहता है वह भोग विलास को आदर देता है। वह चरित्र की रक्षा नहीं कर सकता ।अतः मनुष्य को चाहिए कि वह चरित्र को आदर दे।भारी से भारी कठिनाईयों से न डरे। उसका सामना कर अपने चरित्र की रक्षा करे। चरित्रवान व्यक्ति के कर्म दूसरों के लिए विधान बन जाते हैं।आचरण में इस प्रकार के सद्भाव को ही चरित्रबल कहते हैं। जानकारी हो कि यज्ञ की शुरुवात यज्ञाचार्य श्रीप्रेम पाठक के नेतृत्व में विप्रवृंद द्वारा वैदिक मंत्र...
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