चेक बाउंस मामले में मजिस्ट्रेट ने सुनाया 'कॉपी-पेस्ट' वाला फैसला, नाराज अदालत ने लगाई कड़ी फटकार
नई दिल्ली, जून 9 -- दिल्ली की एक अपीलीय अदालत के सामने हाल ही में एक ऐसा मामला आया कि जिसके बाद उसने ना केवल निचली अदालत को कड़ी फटकार लगाई, बल्कि चेक बाउंस के इस मामले में उसके दिए फैसले को भी रद्द कर दिया। दरअसल कोर्ट की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि निचली अदालत ने मामले के तथ्यों को देखे और उसका विश्लेषण किए बिना ही एक अन्य मामले में दिए गए फैसले को कॉपी-पेस्ट करते हुए आरोपी को बरी कर दिया था। जिसके बाद कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए लोअर कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया और मामले को प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश के समक्ष रखने का निर्देश दिया, ताकि वो अंतिम दलीलों पर दोबारा सुनवाई के लिए इसे किसी सक्षम मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को सौंप सकें। 6 जून को सुनाए अपने निर्णय में कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत का फैसला बिना सोचे-समझे और 'कॉपी-पेस्ट' करके दिया...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.