नई दिल्ली, मई 8 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में स्टालिन की हार के बाद बने नए सियासी समीकरणों से इंडिया गठबंधन के भविष्य को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। इंडिया गठबंधन के घटक दलों के ममता के साथ खड़े होने से केंद्रीय स्तर पर विपक्षी एकता मजबूत होने की संभावना दिखाई पड़ रही थी लेकिन कांग्रेस के ममता के खिलाफ चुनाव प्रचार करने और डीएमके का साथ छोड़ने से समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बंगाल जाकर ममता से मुलाकात से यह संभावना पुख्ता हुई कि निकट भविष्य में ममता विपक्षी खेमे की सियासत में केंद्रीय स्तर पर अहम भूमिका निभाएंगी। लेकिन तमिलनाडु के घटनाक्रम ने इंडिया के एक मजबूत स्तंभ को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी पढ़ें- चुनाव नतीजों से इंडिया गठबंधन की रणनीति पर असर ह...