मुंबई, जुलाई 13 -- महाराष्ट्र सरकार की जिस 'माझी लाड़की बहिन योजना' को महिलाओं के लिए बड़ा सहारा बताया जा रहा था, अब उसी योजना से 92 लाख महिलाओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने एक महीने पहले घोषणा की थी कि e-KYC प्रक्रिया के बाद लगभग 80 लाख नाम हटाए जा रहे हैं लेकिन अब इससे 92 लाख महिलाओं के नाम हटा दिए गए हैं। सरकार के इस कदम से लाभार्थियों की संख्या में 38% तक की भारी गिरावट आई है, जिससे राज्य की लाखों महिलाओं में भारी आक्रोश है। लाभार्थियों की शुरुआती संख्या 2.4 करोड़ थी। लिहाजा यह लगभग 38% की कटौती है।तकनीकी पेच या बहनों के साथ धोखा? सबसे चौंकाने वाले आंकड़े बीड जिले से आए हैं, जहाँ अकेले 28 लाख महिलाओं के नाम योजना से हटा दिए गए हैं। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या प्रशासन की लापरवाही या कड़े नियमों की आड़ में जानबूझकर...