बीजिंग, मई 14 -- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इन दिनों राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बीजिंग दौरे पर हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि चीन में बैन होने के बावजूद रुबियो को वहां एंट्री कैसे मिल गई? मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चीन में प्रवेश पाने के लिए मार्को रुबियो ने एक कूटनीतिक रास्ता अपनाया और अपना नाम बदलकर 'मार्को लू' (Marco Lu) रख लिया।क्या है नाम बदलने की वजह? एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्को रुबियो पर साल 2020 से ही चीन में बैन लगा हुआ है। दो राजनयिकों ने पुष्टि की है कि चूंकि यह बैन उनके नाम की स्पेलिंग पर आधारित है, इसलिए कूटनीतिक तरीके से उनके सरनेम 'रुबियो' को बदलकर चीनी शब्द 'लू' (Lu) कर दिया गया और इसी नाम से उन्हें देश में प्रवेश मिल गया। अमेरिका में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने इस पर सफाई देत...