नई दिल्ली, जनवरी 13 -- अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके जिस तरह से राष्ट्राध्यक्ष को महज तीन घंटे के अंदर उठा लिया, यह पूरी दुनिया को हैरान करने वाला अभियान है। चीन भी अपनी सेना की बराबरी अमेरिका के साथ करना चाहता है। हालांकि जानकारों का कहना है कि चीन के पास अभी इतना सामंजस्य और बाहरी समर्थन नहीं है कि वह इस तरह के अभियान को अंजाम दे सके। ताइवान चीन से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बाद भी चीन दूर से ही गीदड़भभकी देता रहता है। वह आज भी ताइवान में घुसकर कोई ऑपरेशन करने में सक्षम नहीं है।पेंटागन की बराबरी नहीं कर पाया चीन एससीएमपी की रिपोर्ट के मुताबिक वॉशिंगटन के पास केवल ताकतवर हथियार ही नहीं बल्कि सभी विभागों और संस्थानों में अद्भुत सामंजस्य भी है। चीन में इसकी बड़ी कमी है। चीन बीते दो दशकों से अपनी सेना और हथियारों को ताकतवर बना...