नई दिल्ली, जून 14 -- भारत ने एक बार फिर रूसी तेल पर अपना भरोसा कायम रखा है। मई 2026 में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा, जिसने रूस से करीब 5.8 अरब यूरो (लगभग 6.7 अरब डॉलर) मूल्य के फॉसिल फ्यूल आयात किए। यूरोपीय थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार, इस आयात का सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का था। कुल आयात में लगभग 83% हिस्सेदारी सिर्फ रूसी क्रूड ऑयल की रही, जिसकी कीमत करीब 4.8 अरब यूरो आंकी गई। इसके अलावा तेल उत्पादों और कोयले का आयात भी जारी रहा। यह आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक राजनीतिक तनाव और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूसी तेल को अपनी ऊर्जा जरूरतों का अहम हिस्सा बनाए हुए है। यह भी पढ़ें- नए शिखर पर जाएगा SBI का शेयर? फ्यूचर को लेकर ब्रोकरेज भी गदगद रिपोर्...