नई दिल्ली, मार्च 2 -- मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें ड्रोन और मिसाइल हमले शामिल हैं। इस बीच सोमवार को चीन की सरकार मीडिया में खबरें आईं कि अमेरिकी विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए और कुछ नौसैनिक जहाज ईरानी मिसाइल हमलों से क्षतिग्रस्त हो गए। इस खबर के बाद ऐसी मिसाइलों के स्रोत पर सवाल उठने लगे कि क्या ये मिसाइलें चीन से आई हैं। हालांकि, चीन ने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है कि उसने अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों से पहले तेहरान को CM-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलें बेचने का कोई समझौता किया था। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस तरह की खबरें और समझौते की चर्चाएं पूरी तरह दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक जिम्मेदार बड़ी...