चंदौली, मई 4 -- चंदौली, संवाददाता। शिक्षा से वंचित और ड्राप आउट बच्चों को एक बार फिर स्कूलों में दाखिला दिलाकर शिक्षित करने की कवायद की जा रही है। इन बच्चों को बकाएदे शारदा कार्यक्रम के तहत पढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सेवानिवृत्त शिक्षक या वालंटियर्स का चयन किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए सेवानिवृत्त शिक्षक उपलब्ध न होने की स्थित में 21 से 45 आयु के स्थानीय वालंटियर का चयन होगा, हालांकि स्नातक के साथ ही स्थानीय निवासी, डीएलएड, बीटीसी या बीएड डिग्री धारकों को वरीयता दी जाएगी。

बच्चों के दाखिले के बाद विशेष प्रशिक्षण परिषदीय विद्यालयों में आउट ऑफ स्कूल बच्चों स्कूल न जाने वाले बच्चे के दाखिले के बाद उन्हें विशेष प्रशिक्षकों से पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। इस शैक्षणिक सत्र के लिए सात से 14 वर्ष के 531 बच्चों को चिह्नित किया गया है...