झांसी, नवम्बर 18 -- झांसी संवाददाता। झांसी। अगर आप भी चिल्लर से परेशान हैं तो हैरान न हों इस परेशानी का शिकार खुद बैक भी हो रहे हैं। इनके रखने और पर हर महीने आने वाला भारी भरकम खर्च सिरदर्द बन चुका है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि इस मामले में आरबीआई भी संजीदगी नहीं दिखा रहा है। चिल्लर को लेकर झांसी की लगभग सभी बैंकों की शाखाओं की बात करें तो यहां पर सौ से अधिक बैंकों की ब्रांच हैं। इनमें सभी बैंक आती है। बैकों ने अपने स्तर पर बैंक की एक शाखा को क्वाईन डिपो बनाए हैं। अब इनमें भी जगह कम पड़ रही है। आलम ये है कि चिल्लर लेना बैंकों की मजबूरी है। वे अपने स्तर पर कुछ नहीं कर सकते और आरबी आई इस चिल्लर को फिलहाल नहीं ले रहा है। इसमें सबसे ज्यादा तादाद चलन से बाहर हो चुकि अठन्नी है। वहीं एक का सिक्का भी अब लगभग चलन से बाहर सा हो गया है। यह अल...