बोकारो, मार्च 11 -- चास प्रतिनिधि। चिराचास नवीन कोऑपरेटिव में आयोजित भागवत कथा के छठे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। आचार्य वेदानंद शास्त्री आनंद ने महारास प्रसंग का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और सत्संग का संदेश दिया। कहा कि जीवन के बंधनों को काटने का सबसे बड़ा शस्त्र महारास है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को रास प्रसंग में भाग लेना चाहिए। महारास से मनुष्य के जीवन की कमजोरियाँ समाप्त होती है और जीव आत्मिक रूप से मुक्त एवं स्वच्छंद हो जाता है। आचार्य ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य के अनुसार सबसे पहले मनुष्य जन्म प्राप्त करना ही अत्यंत दुर्लभ है। मनुष्य बनने के बाद यदि सत्संग का अवसर मिल जाए तो जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि प्राप्त हो जाती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सच्चा मानव बनने के लिए सत्संग का सहारा लेना चाहिए। कथा के क्...