वाराणसी, जून 29 -- वाराणसी। बनारस को समझने के लिए उसे सिर्फ देखना पर्याप्त नहीं है, बनारस को जीना पड़ता है। वह भी पूरी शिद्दत के साथ। इस तथ्य की प्रामाणिकता राम छाटपार शिल्प न्यास की ओर से आयोजित विशिष्ट चित्रों की प्रदर्शनी में सहज रूप से देखी जा सकती है। देश-दुनिया में अपनी चित्रकृतियों से बड़ा प्रशंसक वर्ग तैयार करने वाले चित्रकारों ने अपने खास नजरिये से बनारस को कैनवास पर उतारा है। 10 जुलाई तक चलने वाली यह प्रदर्शन प्रत्येक संध्या चार से रात्रि आठ बजे तक खुली रहेगी।

चित्र प्रदर्शनी का महत्व सामने घाट क्षेत्र के महेश नगर स्थित न्यास की दीर्घा में प्रवेश करते ही जिस पहले चित्र पर नजर पड़ी, उसमें बनारस की सर्वप्राणिक जीवनशैली, पुरानी इमारतों के बीच से निकली तंग गलियों में तीर्थयात्रियों की भीड़, भीड़ में नंदी। बनारस के मूल मिजाज को दर्श...