देवघर, मई 18 -- सहरजोरी शिव मंदिर प्रांगण स्थित ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार रात्रि में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास ने अपने ओजस्वी प्रवचन से उपस्थित श्रद्धालुओं को कृष्ण प्रेम और भक्ति के महत्व से अवगत कराया। कथा स्थल पर देर रात तक श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा का रसपान करते रहे। यह भी पढ़ें- पूर्णाहुति के साथ सात दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ का समापनकथा का महत्व कथा के दौरान व्यासपीठ से कथा वाचक कुलदीप कृष्ण महाराज ने कहा गया कि मानव का हृदय अलौकिक है, लेकिन मन के भीतर जमा विकार और मैल उसे ईश्वर से दूर कर देते हैं। इस मन रूपी दर्पण को साफ करने के लिए केवल कृष्ण प्रेम और सच्ची भक्ति ही सबसे बड़ा माध्यम है। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में ली...