धनबाद, जून 18 -- चिटाही धाम स्थित श्री रामराज मंदिर परिसर में आयोजित भव्य श्रीराम कथा का समापन बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और प्रभु श्रीराम के भजनों के साथ संपन्न हो गया। कथा के अंतिम दिन राम-रावण युद्ध, रावण वध,विभीषण का राज्यभिषेक,माता सीता की अग्नि परीक्षा एवं प्रभु श्रीराम का अयोध्या वापसी और उनका अयोध्या में राज्यभिषेक के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे。

कथावाचिका का प्रवचन कथा के दौरान कथावाचिका गृषा शुक्ला ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में सहजता और सरलता ही व्यक्ति के जीवन को सुगम बनाती है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में अहंकार प्रवेश कर जाए तो वही अहंकार व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु बनकर उसे पतन की ओर ले जाता है। इसलिए मनुष्य को सदैव विनम्रता, सरलता और सकारात्मक सोच के साथ जीवन व्यतीत करना चाहि...