गुमला, मार्च 21 -- डुमरी, प्रतिनिधि। प्रखंड के चिटमिटी स्थित ऐतिहासिक झंडा मिलन स्थल पर रामनवमी के अवसर पर सजने वाला झंडा मेला अब सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहचान और गौरव बन चुका है। करीब चार दशकों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है। जितनी अपने शुरुआती दौर में थी। इस बार भी रामनवमी को लेकर गांव-गांव में उत्साह चरम पर है और मेले को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। रामनवमी के दिन डुमरी, रवींद्रनगर, बड़ा कटरा, छोटा कटरा, नवाडीह,कटईटोली और जोकी दोहर समेत आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु अपने-अपने गांव का ध्वज और जुलूस लेकर पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ चिटमिटी पहुंचते हैं। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों की स्वर लहरियां और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा इलाका आस्था के रंग में रंग जाता है। झंडा मिलन स्थल ...