गंगापार, सितम्बर 27 -- सहसों में रविवार को व्यापारियों की एक गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें मनोहर दास आई हॉस्पिटल प्रयागराज के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. विनोद सिंह ने अमेरिका की चिकित्सा व्यवस्था और भारतीय चिकित्सा पद्धति से जुड़े अपने अनुभव को साझा किया।

चikित्सा दृष्टिकोण उन्होंने कहा कि चिकित्सा ज्ञान और क्षमता के मामले में भारतीय डॉक्टर किसी भी स्तर पर कम नही हैं। उन्होंने बताया कि अभी सात से 14 सितंबर तक वह अमेरिका की प्रतिष्ठित जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से रेटिना में फैलोशिप प्राप्त की है। इस दौरान अपने मॉनिटर को भागवत गीता की पुस्तक भी भेंट की है। भारत और अमेरिका की चिकित्सा व्यवस्था में मुख्य अंतर मरीजों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं का है।

संवेदनशीलता और मरीजों की देखभाल भारत के सरकारी अस्पतालों में एक डॉक्टर को प्रतिदिन 500 से 800, ...