बिजनौर, नवम्बर 2 -- उत्तर प्रदेश शासन ने अस्पतालों और डॉक्टरों के खिलाफ मिलने वाली चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है। नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत अब चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़ी किसी भी शिकायत की जांच कराने का एकमात्र मार्ग जिलाधिकारी की मार्फत बनाया गया है। ​इस नए आदेश के बाद अब कोई भी पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग का अफसर या अन्य प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर से सीधे या पृथक जांच नहीं शुरू करा सकेगा। वन-विंडो व्यवस्था के तहत अब सिर्फ डीएम के माध्यम से सीएमओ को फाइल जाएगी। ​शासन के नए निर्देशों के अनुसार, जवाबदेही तय करने और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी रास्तों को एक ही बिंदु पर जोड़ दिया है। चाहे पीड़ित ने आईजीआरएस पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076)...