मुजफ्फरपुर, अगस्त 24 -- मृत्युंजय, मुजफ्फरपुर। तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण के कारण हमारे कान चार हजार हर्ट्ज की आवाज नहीं पहचान पा रहे हैं। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ईएनटी विभाग में आने वाले मरीजों के केस स्टडी से यह खुलासा हुआ है।

प्रभावित युवा और किशोर डॉक्टरों का कहना है कि तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण के कारण कानों की आंतरिक झिल्ली (मेंमबरेन) नष्ट हो रही है, जिसका इलाज काफी मुश्किल है और कई मामलों में इलाज संभव भी नहीं है। डॉक्टरों ने बताया कि 30 वर्ष तक के युवा और किशोर इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ईएनटी विभाग के डॉ. शशि कुमार ने बताया कि ओपीडी में हर दिन पांच से छह मरीज इस बीमारी को लेकर आ रहे हैं। डॉ. शशि ने बताया कि कान के पर्दे तीन तरह की ध्वनि पहचानते हैं, इनमें चार हजार हर्ट्ज मध्यवर्ती...