नई दिल्ली, मार्च 5 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। ईरान से जुड़े मौजूदा संकट का असर भारत के चावल निर्यात पर भी दिखाई देने लगा है। भारतीय चावल निर्यातक संघ का कहना है कि युद्ध के चलते चावल का निर्यात व्यापक स्तर पर प्रभावित हो रहा है। ऐसी स्थिति में सरकार से तत्काल राहत उपाय करने की मांग की है। निर्यातकों का कहना है कि युद्ध के चलते मध्य-पूर्व क्षेत्र में शिपिंग, बीमा और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में भारी अस्थिरता आ गई है, जिससे निर्यात कारोबार प्रभावित हो रहा है। संकट के कारण कंटेनरों की उपलब्धता कम हो गई है और जहाजों के शेड्यूल में भी बड़े पैमाने पर बदलाव हो रहे हैं। इन सब के कारण समुद्री ईंधन की कीमत करीब 520 डॉलर प्रति टन से बढ़कर लगभग 700 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई है। इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माल की ढुलाई लागत में करीब 15 से 20 प...
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