वाराणसी, जुलाई 11 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। औढ़े (रोहनिया) स्थित मकान में बंधक बनाकर रखे गए बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से करीब 300 युवक एवं युवती गुरुवार को मुक्त कराए गए थे। मल्टी लेवल मार्केटिंग और पिरामिड चेन नेटवर्क चलाकर बेरोजगारों को नौकरी का झांसा दिया गया था। आरोपी बंधक युवक-युवतियों को दोपहर और रात में चावल और नमक-सोयाबीन खिलाते थे। कभी-कभी चावल और नमक-पानी दे देते थे। डीसीपी क्राइम नीतू कादयान और एसीपी विदुष सक्सेना ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में मुक्त कराए गए युवकों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान चार युवकों ने आपबीती बताई। मुक्त कराए गए युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्हें सुबह चाय या नाश्ता नहीं दिया जाता था। सुबह हॉल में बुलाकर क्लास चलाई जाती थी, जिसमें समझाया जाता था कि अगर वे ...