देहरादून, मार्च 18 -- पोक्सो कोर्ट की जज रजनी शुक्ला की अदालत ने दुष्कर्म, छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी आरोपी साहिल धीमान को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि पीड़िता और आरोपी करीब चार साल (2018 से 2021) तक रिलेशनशिप में थे और इस दौरान कई होटलों व एक ही फ्लैट में साथ रुके थे। 23 वर्षीय पढ़ी-लिखी और नौकरीपेशा पीड़िता का लगातार इतने लंबे समय तक आरोपी के साथ रहना और शिकायत न करना यह स्पष्ट दर्शाता है कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध सहमति से बने थे।बचाव पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष गुलाटी ने बताया कि अदालत ने पाया कि पांच मई 2023 को दी गई पहली तहरीर में दुष्कर्म का कोई जिक्र नहीं था। उसी महीने 26 मई को दी गई दूसरी शिकायत में विवेचक के कहने पर आरोपों को जोड़ा गया था। पीड़िता ने अपना मेडिकल कराने से भी लिखित रूप से मना कर ...