जमशेदपुर, मार्च 28 -- जमशेदपुर, संवाददाता। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशनों और एसोसिएशनों के मंच ने ट्रेड यूनियनों से आह्वान किया है कि वे एक अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाएं। यह दिन केंद्र सरकार द्वारा चार श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय नियमों की अधिसूचना के लिए पहले से घोषित तिथि है। इंटक के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने कहा है कि ट्रेड यूनियनें लगातार इन श्रम विरोधी, नियोक्ता-समर्थक श्रम संहिताओं का विरोध करती रही हैं, जिन्हें तथाकथित श्रम सुधार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर लाया गया है। 12 फरवरी की हड़ताल के बाद भी केंद्र सरकार इन श्रम संहिताओं को वापस लेने या इस मुद्दे पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ कोई सार्थक बैठक करने से बच रही है।

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