गोंडा, अगस्त 12 -- गोण्डा, संवाददाता। चालू शैक्षिक सत्र में चार माह से अधिक वक्त बीतने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग को निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की याद आई है। दरअसल, किताब-कापी, यूनिफार्म, जूते-मोजे, टिफिन और पानी की बोतल तक किसी खास दुकान से खरीदने का दबाव कई स्कूलों की ओर से बनाया जाता है। अब इस पर डीआईओएस ने पत्र जारी करके जिले के विद्यालयों को दो चेतावनी दी है। पत्र के मुताबिक मनमानी पकड़ी गई तो पांच लाख रुपये तक जुर्माने के साथ मान्यता अथवा संबद्धता वापसी की संस्तुति भी हो सकती है। इस संबंध में पूछे जाने पर डीआईओएस ने बताया कि अप्रैल में भी आदेश जारी किया गया था। निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने के बाद अभिभावकों के सामने फीस के अलावा किताब-कॉपी, यूनिफार्म, जूते-मोजे समेत अन्य जरूरी सामान का खर्च अलग से खड़ा हो जाता ...