नई दिल्ली, मई 23 -- UPSC की तैयारी करने वाले हजारों युवाओं के लिए यह परीक्षा सिर्फ किताबों और नोट्स की लड़ाई नहीं होती, बल्कि यह धैर्य, मानसिक मजबूती और अनिश्चितता से जूझने की भी परीक्षा बन जाती है। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के नसीर नंगला गांव की रहने वाली सुरभि यादव की कहानी इसी सच को बेहद मजबूती से सामने लाती है। चार प्रयास, लगातार असफलताओं का दबाव, कभी प्रीलिम्स में रुकना तो कभी अंतिम सूची से कुछ नंबर दूर रह जाना। इन सबके बावजूद सुरभि ने हार नहीं मानी और आखिरकार UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 14 हासिल कर ली। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के सहारे यह मुकाम पाया। उनकी तैयारी का आधार था आत्मअनुशासन, गलतियों का लगातार विश्लेषण और परिवार का मजबूत साथ।पढ़ाई में शुरू से ही शानदार रहीं सुरभि स...