रुडकी, अगस्त 31 -- लक्सर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर लक्सर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ने लगा है। वर्ष 2026 में अधिकांश गृहस्थ श्रद्धालु शुक्रवार, 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखेंगे। इस बार अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का संयोग बनने से पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 4 सितंबर की सुबह शुरू होकर 5 सितंबर की मध्यरात्रि के बाद समाप्त होगी, जबकि रोहिणी नक्षत्र भी जन्माष्टमी के दिन विशेष रूप से प्रभावी रहेगा। यह भी पढ़ें- Janmashtami vrat kab: 4 या 5 सितंबर जन्माष्टमी व्रत कब रखना सबसे उत्तम? जानें ज्योतिर्विद की राय यह भी पढ़ें- Janmashtami 2026: कब है रोहिणी नक्षत्र लगेगा, कब जन्माष्टमी मनाना श्रेयस्कर 3 या 4 सितंबर, अयोध्या में कब है जन्माष्टमी यह भी पढ़ें- J...