बागपत, सितम्बर 30 -- बागपत। भाकियू के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा की पत्नी की मौत के मामले में 11 महीने बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं होने से भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिला अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के मामले में जांच कमेटी डॉक्टर और फार्मासिस्ट को दोषी मान चुकी है, इसके बावजूद पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। बुधवार को भाकियू नेता के आवास पर आयोजित बैठक में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना है कि इतने लंबे समय बाद भी बिसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने से संगठन में रोष है। यह भी पढ़ें- Banda News: नौ माह तक मृत्यु प्रमाण पत्र रोके रखने पर पालिका कर्मचारी पर कार्रवाई के निर्देश भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मुकदमा दर्ज नहीं हुआ त...