नई दिल्ली, जून 2 -- भारत में मोबाइल एक्सेसरीज का मार्केट लंबे समय तक चीनी कंपनियों और सस्ते इंपोर्टेड प्रोडक्ट्स के भरोसे चलता रहा है। ऐसे माहौल में किसी भारतीय ब्रैंड का ना सिर्फ टिकना, बल्कि अपने दम पर एक मजबूत पहचान बनाना आसान नहीं होता। लोकप्रिय एक्सेसरीज ब्रैंड UNIX की कहानी इसी चुनौती को अवसर में बदलने की मिसाल पेश करती है। एक छोटी सी दुकान से शुरू हुआ यह सफर आज 700 से अधिक कर्मचारियों वाली मैन्युफैक्चरिंग कंपनी तक पहुंच चुका है। मार्केट में आए बदलावों और कंपनी के सफर को समझने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ने UNIX के को-फाउंडर और CEO इमरान कागलवाला से बात की। कागलवाला बताते हैं कि कंपनी की शुरुआत साल 2006 में बेहद सिंपल तरीके से हुई थी। उस समय वे एक छोटी सी दुकान से चीन से इंपोर्टेड अनब्रांडेड मोबाइल एक्सेसरीज बेचते थे क्योंकि मार्केट में...