बिजनौर, जनवरी 3 -- शान्तिकुन्ज के 16 जनपदो के जोनल कार्यालय गायत्री शक्तिपीठ नजीबाबाद में पूर्णिमा पर्व पर नौ कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। इस मौके पर साधकों ने प्रेरणा प्रद गीत प्रस्तुत किए । नजीबाबाद जोन समन्वयक डीपी सिंह ने दीप प्रज्वलित कर महायज्ञ का शुभारंभ किया। गायत्री शक्तिपीठ व्यवस्थापक डा दीपक कुमार ने नौ कुण्डीय गायत्री यज्ञ संपन्न कराते हुए कहा कि यज्ञ चिकित्सा विज्ञान है। यज्ञ त्याग का परमार्थ का नाम है। देव संस्कृति के निर्माता यज्ञ पिता और गायत्री माता है। गायत्री मंत्र महामंत्र है। गायत्री मंत्र गुरु मंत्र है। गायत्री मंत्र चारों वेदों का सार है, गायत्री मंत्र सद्बुद्धि का मंत्र है, सद्बुद्धि संसार की सर्वोपरि आवश्यकता है। सद्बुद्धि से ही सदचिंतन होता है और सदकर्म होते हैं। गायत्री यज्ञ विश्व कल्याण की कामना से कि...