चारों वर्णों को है भगवत वरण का अधिकार
वाराणसी, जून 10 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। प्रभु सिर्फ भक्त के भाव देखते हैं न कि उसकी जाति। भगवत वरण चारों वर्णों के अधिकार में है। ये बातें आचार्य संजय प्रभुदास ने कहीं। वह पांडेयपुर स्थित ठाकुरजी की बगिया में मास मानस पारायण के तहत बुधवार को प्रवचन कर रहे थे।
शबरी का चरित्र भगेलू साव स्मृति सेवा समिति एवं केसरवानी वैश्य नगर सभा की ओर से पुरुषोत्तम माह के निमित्त आयोजन में उन्होंने शबरी के चरित्र की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि शबरी का चरित्र चारों वर्णों के लिए अनुकरणीय है। यदि उनके चरित्र को सही ढंग से समझें तो समाज से वैमनस्य ही समाप्त हो जाएगा।
सच्ची भक्ति कथा व्यास ने कहा कि संसार के सभी जीवों में ईश्वर को देखना ही समभाव दृष्टि है। जो कुछ भी मिले उसमें संतुष्ट रहना और दूसरों में दोष न देखना, सबके साथ छलहीन और सरल व्यवहा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.