लखनऊ, जनवरी 15 -- चारबाग बस अड्डे को खाली कराए जाने के बावजूद बसों की सुचारु शिफ्टिंग न हो पाने के कारण गुरुवार को पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था ध्वस्त नजर आई। आलम यह था कि चारबाग और आलमबाग बस अड्डे के बाहर बसों की लंबी कतारों ने आम जनता का निकलना दूभर कर दिया। चारबाग बस स्टेशन को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत एक अत्याधुनिक छह मंजिला इमारत के रूप में विकसित किया जाना है। कार्यदायी संस्था डीजीएस टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड ने निर्माण कार्य शुरू करने के लिए दो सप्ताह पहले ही अल्टीमेटम दे दिया था। परिवहन निगम के अधिकारियों ने जोर-शोर से दावा किया था कि 15 जनवरी तक सभी बसों का संचालन पूर्णतः आलमबाग बस अड्डे पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने प्रवर्तन की टीम को दिशा निर्देश भी जारी किया...