बांका, अप्रैल 6 -- पंजवारा(बांका),निज प्रतिनिधि। गर्मी की तपिश और गहराते जल संकट के बीच पीएचईडी विभाग की कार्यशैली पंजवारा व इसके आस-पास के इलाकों में सवालों के घेरे में है। चापाकलों को ठीक करने के नाम पर विभाग के मिस्त्री मरम्मती करने के बजाय बोरिंग से पाइप निकालकर चंपत हो रहे हैं। विभाग की इस सुस्ती और लापरवाही ने ग्रामीणों की परेशानी को दोहरी कर दी है। ताजा मामला पंजवारा हाई स्कूल के समीप स्थित काली मंदिर का है। यहां लगा चापाकल खराब पड़ा हुआ था।स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि विभाग इसे दुरुस्त करेगा,लेकिन चार-पांच दिन पूर्व पहुंची मिस्त्रियों की टोली ने चापाकल ठीक करने के बजाय बोरिंग से पाइप बाहर निकाला और उसे अपने साथ लेकर चलते बने। अब वहां पानी की जगह सिर्फ खाली बोरिंग का गड्ढा बचा है। कुछ ऐसा ही हाल लौढ़िया खुर्द पंचायत के दुबराजपुर कदर...