नई दिल्ली, अप्रैल 3 -- आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी जीवन को सही दिशा देने में मदद करती हैं। उन्होंने न सिर्फ राजनीति और कूटनीति, बल्कि आर्थिक मजबूती और धन प्रबंधन पर भी गहरी समझ दी है। चाणक्य कहते हैं कि धन कमाना जितना महत्वपूर्ण है, उसे बचाना और बढ़ाना उससे भी ज्यादा जरूरी है। आज की महंगाई और अनिश्चित भविष्य के दौर में उनकी शिक्षाएं और भी प्रासंगिक हो गई हैं। अगर आप इन 9 आदतों को अपने जीवन में अपनाते हैं, तो कभी भी धन-दौलत की कमी नहीं होगी।1. बचत है सबसे बड़ा सहारा चाणक्य नीति में बचत को सबसे बड़ा आर्थिक सहारा बताया गया है। 'धनस्य रक्षणं कार्यं रक्षितं वर्धते सदा।' - अर्थात् धन की रक्षा करनी चाहिए, सुरक्षित धन सदैव बढ़ता है। हर महीने अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा भविष्य के लिए बचाकर रखें। छोटी-छोटी बचतें ही मुश्किल समय में आपकी रक्षा कर...