घाटशिला, मार्च 11 -- चाकुलिया, संवाददाता। चाकुलिया वन क्षेत्र के जंगलों में महुआ के पेड़ों से फूल झड़ने लगे हैं। ग्रामीण महुआ फूल चुनने और सुखाने में मस्त हैं। महुआ फूल चुनने के लिए जंगलों में ग्रामीणों का जमावड़ा सहज ही देखा जा सकता है। ग्रामीण महुआ फूल चुनकर और सुखा कर छोटे व्यापारियों को 30 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रहे हैं। इससे ग्रामीणों की आमदनी बढ़ी है। जानकारी के अनुसार, महुआ के फूल के बाद उससे फल निकलेंगे और जब पक कर गिरने लगेंगे तब ग्रामीण फल चुनकर और उसका बीज बेचकर लाभान्वित होंगे। इस तरह महुआ का पेड़ ग्रामीणों को दोहरा लाभ देता है। खासकर विलुप्त होती सबर जनजाति के गरीबों के लिए महुआ का फूल और फल संजीवनी है। उल्लेखनीय हो कि इस इलाके की ग्रामीण अर्थव्यवस्था वनोत्पाद पर आधारित है। वनोत्पाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ ...
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