औरैया, फरवरी 18 -- औरैया/फफूंद, संवाददाता। कस्बा फफूंद में बुधवार शाम चांद नजर आने के साथ ही पवित्र माह रमजान की शुरुआत हो गई। गुरुवार को पहला रोजा रखा गया, जबकि बुधवार रात से ही मस्जिदों में इशा के बाद तरावीह की नमाज अदा की गई। रमजान के पहले अशरे को रहमत का अशरा माना जाता है। उलेमाओं ने इसे सब्र, परहेजगारी और इबादत का महीना बताते हुए लोगों से पूरे एहतराम के साथ गुजारने की अपील की है। मौलाना खलीलउल्लाह ने बताया कि रमजान बरकतों और रहमतों का महीना है। उन्होंने कहा कि इस महीने को तीन अशरों में बांटा गया है। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नम से निजात का। पहले अशरे में अल्लाह अपने बंदों पर खास रहमत फरमाता है, इसलिए नमाज, कुरआन की तिलावत, दुरूद शरीफ और तस्बीहात के साथ जरूरतमंदों की मदद पर खास ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि तरावीह में क...