चांदी के नैनोकणों वाला हाइड्रोजेल हटाएगा पानी से जहरीला रंग
प्रयागराज, अक्टूबर 24 -- प्रयागराज। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को वैज्ञानिकों ने अनुभव साझा किया। पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज की शोधकर्ता रुतुजा सपकाले और अर्चना तंवर ने चांदी के नैनोकणों से युक्त चिटोसान-अल्जिनेट हाइड्रोजेल बीड्स विकसित किए हैं। मेथिलीन ब्लू रंग को हटाने के परीक्षण में यह सामग्री सामान्य हाइड्रोजेल की तुलना में अधिक प्रभावी और तेज पाई गई। इसकी विशेष सतह रंग के अणुओं को सोखने में मदद करती है। ऐसे में तकनीक औद्योगिक अपशिष्ट जल के उपचार को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है। यह भी पढ़ें- मूंगफली के छिलकों से ऊर्जा भंडारण की तकनीक होगी विकसित: प्रो. विमल यह भी पढ़ें- Prayagraj News: ईवी के लिए बिजली का स्रोत भी हो स्वच्छ
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