प्रयागराज, सितम्बर 17 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 31 वर्षीय आयुष मलिक को आजाद कर दिया है। कोर्ट के सामने आयुष ने कहा कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है और वह एक मुस्लिम महिला से शादी करना चाहता है। उसके पिता ने इस फैसले का विरोध किया था और आरोप लगाया था कि उनके बेटे को प्रभावित या 'ब्रेनवॉश' किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग व्यक्ति आम तौर पर अपनी अंतरात्मा के अनुसार अपना धर्म तय करने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह अपनी पसंद के धर्म को मानने और उसका पालन करने के लिए स्वतंत्र है। साथ ही, कानून के मुताबिक अपने वैवाहिक संबंध के बारे में उचित फैसला भी ले सकता है।पिता पर लगाया था अवैध हिरासत में रखने का आरोप यह मामला बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इस्लाम अपनाने और एक मुस्लिम महिला ...