नई दिल्ली, जुलाई 24 -- सड़क पर गाड़ियों के शोर के लंबे समय तक संपर्क में रहने से पार्किंसंस बीमारी का खतरा अबतक यह सामने आया था कि वायु प्रदूषण, माइक्रोप्लास्टिक और कीटनाशक इसकी वजहें हैं

पहली बार शोर से इसके संबंध पहली बार शोर से इसके संबंध सामने आए हैं जामा न्यूरोलॉजी में शोध प्रकाशित हुआ है, 40 साल से ऊपर के 31 लाख लोगों पर यह स्टडी की गई 18 साल तक उनपर नजर रखने के बाद नतीजे बताए गए कोपनहेगन, एजेंसी। सड़क पर गाड़ियों के शोर के लंबे समय तक संपर्क में रहने से पार्किंसंस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। डेनमार्क में हुई हालिया स्टडी में यह दावा किया गया है। अध्ययन के अनुसार लंबे समय तक घर के पास सड़क के ट्रैफिक का शोर पार्किसंस बीमारी को खतरे को बढ़ा देता है। जिन लोगों ने 10 वर्षों से अधिक समय तक प्रतिदिन 65 डेसिबल या उससे अधिक के सड़क शोर का...