बुलंदशहर, अप्रैल 3 -- जब इंसानियत कराह रही थी और नफरत चरम पर थी, तब प्रेम के मसीहा प्रभु यीशु ने क्रूस पर अपनी जान देकर दुनिया को शांति और क्षमा का वह पाठ पढ़ाया जो आज हजारों साल बाद भी उतना ही जीवंत है। शुक्रवार को नगर के सिविल लाइंस स्थित ऑल सेंट्स चर्च में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। गुड फ्राइडे पर मसीह समाज ने उपवास और प्रार्थना के बीच उस महाबलिदान को याद किया जिसने मानवता के उद्धार का मार्ग प्रशस्त किया। दोपहर की चिलचिलाती धूप में भी श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई और चर्च परिसर प्रभु यीशु की जय-जयकार और उनके द्वारा क्रूस पर कहे गए अंतिम सात वचनों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। विशेष आराधना के दौरान मुख्य वक्ता पादरी जयपाल मैसी ने पहले वचन की गहराई समझाते हुए कहा कि प्रभु यीशु ने उन लोगों को भी माफ कर दिया जिन्होंने उन्हें यातनाएं द...