बलरामपुर, मई 25 -- बलरामपुर, संवाददाता। चरित्र निर्माण में व्यक्ति के स्वभाव और व्यवहार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। स्वभाव से प्राप्त गुण व्यक्ति को मजबूत नींव प्रदान करते हैं, जबकि दैनिक व्यवहार व आचरण उसी नींव पर सम्मानित व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। यह बातें सोमवार को 51वीं बटालियन के तत्वावधान में जवाहर नवोदय विद्यालय में चल रहे दस दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के छठवें दिन आयोजित कार्यक्रम के दौरान बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविंद प्रताप सिंह पटवाल ने कैडेटों के निरीक्षण के समय कहीं। उन्होंने कहा कि स्वभाव व्यक्ति की जन्मजात प्रवृत्ति और प्रकृति होती है, जैसे शांत रहना, भावुक होना या साहसी होना। हालांकि स्वभाव में परिवर्तन करना कठिन होता है, लेकिन आत्म-नियंत्रण और सकारात्मक सोच के माध्यम से इसके नकारात्मक पहल...