सासाराम, जनवरी 22 -- सासाराम, नगर संवाददाता रामेश्वरगंज चलनिया में आयोजित श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ में बड़ी संख्या श्रद्धालु पहुंच संतों का प्रवचन सुन रहे हैं। गुरुवार को जीयर स्वामी ने प्रवचन के दौरान कहा कि संस्कार का अर्थ ही चरित्र है और चरित्र निर्माण के लिए धर्म की शिक्षा व उससे जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है। यदि चरित्र नहीं है तो मनुष्य पशु तुल्य हो जाता है। हमारे संस्कार ही हमें पशु से अलग करते हैं। जो हमें धर्म से प्राप्त होता है। चरित्र ही मानव को अलग पहचान देता है और महान बनाता है। जिसकी शिक्षा धर्म से ही संभव है और नैतिकता की शिक्षा ही धर्म है। बताया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...