सासाराम, मार्च 22 -- नौहट्टा, एक संवाददाता। प्रखंड के पंडुका गांव में चल रहे नवाहपरायण के तीसरे दिन पंडित सुरेश शास्त्री ने कहा कि निर्धन धनवान से डरते हैं। निर्बल बलवान से डरते हैं। मूर्ख विद्वान से डरते हैं। ये तीनों चरित्रवान से डरते हैं। लंकापति रावण बलवान भी था, धनवान भी था व विद्वान भी था। लेकिन चरित्रवान नहीं था। वहीं भगवान श्रीराम चरित्रवान हैं, इसलिए लंकापति रावण भगवान प्रभु श्रीराम से डरता था। कहा कि मोटरसाइकिल से गिरे हुए व्यक्ति का इलाज एक बार संभव है। बस से गिरे हुए व्यक्ति का इलाज संभव है। ट्रेन से गिरे हुए व्यक्ति का इलाज संभव है। हिमालय की चोटी से गिरे व्यक्ति का इलाज संभव है। लेकिन चरित्र से गिरे हुए व्यक्ति का इलाज किसी भी अस्पताल में संभव नहीं है। मौके पर भानू प्रताप मिश्रा, दारा राम, जयप्रकाश चौबे, श्रीराम चौधरी, संतोष...