प्रयागराज, मई 13 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक पद पर चयन से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में याचिका खारिज करते हुए कहा है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी न होने पर अभ्यर्थी कोई वैध या अर्जित अधिकार दावा नहीं कर सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चयन समिति की संस्तुति मात्र से नियुक्ति का अटल अधिकार उत्पन्न नहीं होता। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने भूपाल सिंह की याचिका पर दिया है। मामले में याची भूपाल सिंह ने वर्ष 2016 में बिजनौर स्थित एक सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक पद के लिए आवेदन किया था। विद्यालय में रिक्ति उत्पन्न होने पर 15 जुलाई 2016 को विज्ञापन जारी किया गया और चयन समिति ने 29 जुलाई 2016 को याची के चयन की संस्तुति कर दी। इसके बाद 30 जुलाई 2016 को अनु...