नैनीताल, फरवरी 27 -- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि चयन प्रक्रिया के दौरान आरक्षण का दावा नहीं करने वाला उम्मीदवार बाद में इसके लाभ से वंचित किए जाने की शिकायत नहीं कर सकता। जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की सिंगल-जज बेंच ने साइंस स्ट्रीम में असिस्टेंट टीचर (प्राइमरी) के पद के लिए सिलेक्शन प्रोसेस को चुनौती देने वाली एक याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने पाया कि उत्तराखंड के आंदोलनकारियों को दिए गए क्षैतिज आरक्षण के तहत की गई नियुक्ति में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। यह भी पढ़ें- गैंगरेप में सजा काट रहे दोषियों को HC ने किया रिहा, पीड़िता ने नहीं की पहचान मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता ने असिस्टेंट टीचर (प्राइमरी) के पद के लिए चयन प्रक्रिया में भाग लिया था। उसने दलील दी कि विज्ञान विषय में चंपावत जिले के लिए चयनित उम्मीदवार को...