बिहारशरीफ, मई 30 -- चमकी से बचाव के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ होंगी नोडल पदाधिकारी एईएस गतिविधियों के क्रियान्वयन और अनुश्रवण की मिली जिम्मेदारी बिहारशरीफ, निज संवाददाता। गर्मी बढ़ने के साथ ही बच्चों में जानलेवा साबित होने वाले एईएस (चमकी बुखार) से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अब जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को एईएस गतिविधियों के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (एचडब्ल्यूसी) डॉ. मनोज कुमार ने इस संबंध में सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में एक से 15 साल तक के बच्चों और कुपोषित बच्चों की सूची तैयार करेंगी। साथ ही एईएस से प्रभावित परिवारों की पहचान...