गौरीगंज, जनवरी 13 -- भेटुआ। भेटुआ स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में तैनात पशु चिकित्साधिकारी प्रतिदिन समय से नहीं पहुंचती हैं। जिससे पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि डाक्टर कभी-कभार ही अस्पताल आती हैं और जब आती भी हैं तो दोपहर 12 बजे के बाद पहुंचती हैं। जो दो बजे के आसपास वापस चली जाती हैं। डॉक्टर की अनुपस्थिति में पशुओं की जांच और इलाज का जिम्मा अस्पताल में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी निभा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना चिकित्सकीय योग्यता के कर्मचारी पशुओं का इलाज कर रहे हैं, जिससे पशुओं की जान के लिए भी खतरा बन सकता है।

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