बरेली, मार्च 2 -- होली का उल्लास छाने लगा है, माहौल में मस्ती आने लगी है। इस बार होली के त्योहार पर सूर्य, मंगल, बुध और राहु ग्रह एक साथ कुंभ राशि में गतिशील रहेंगे। इससे चतुर्ग्रही और बुधादित्य योग का निर्माण होगा। इसके चलते पूजा पाठ का महत्व कई गुना अधिक बढ़ेगा और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि इस बार होली के पूजन और दहन को लेकर असमंजस बना हैं, क्योंकि कई दशकों बाद इस बार होली पूर्णिमा के दिन खगोलीय घटना हो रही है। तीन मार्च मंगलवार को फाल्गुन की पूर्णिमा तिथि है। इसी दिन खग्रास चंद्र ग्रहण लगाने जा रहा है। इसकी अवधि तीन घंटा 27 मिनट है। ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण दोपहर 3.20 से लगेगा और शाम 6.45 पर समाप्त होगा। ग्रहण का सूतक नौ घंटे पूर्व से ही लग जाता है जिसके चलते प्रातः 6:20 से सूतक प्रारंभ हो जाएगा।...