चतरा, जून 17 -- चतरा, प्रतिनिधि। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद बीमार चल रही है। लाखों की आबादी वाले चतरा जिले में जीवनदायिनी कही जाने वाली सरकारी एंबुलेंस सेवा पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। आलम यह है कि दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में मरीज 'डायल 108' पर कॉल कर घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंचती। थक-हारकर परिजन मरीजों को निजी गाड़ियों या महंगे प्राईवेट एंबुलेंस से अस्पताल लाने को मजबूर हैं, जिससे गरीब जनता की जेब पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जिले में कुल 18 एंबुलेंस हैं। जमीनी हकीकत यह है कि इनमें से आधे से अधिक खराब पड़ी हैं। चतरा सदर अस्पताल की स्थिति सबसे खराब है। यहाँ 108 सेवा की कुल 4 एंबुलेंस हैं, जिनमें से 3 'डेड' (पूरी तरह कबाड़) हो चुकी हैं। एकमात्र एंबुलेंस है जो चल रही है, उसके टायर भी इतने जर्जर हैं कि वह कभी भी हादस...