चतरा, जून 23 -- चतरा, प्रतिनिधि। जिले के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) योजना एक गंभीर संकट से जूझ रही है। पिछले तीन माह से कुकिंग कॉस्ट की राशि स्कूलों को नहीं मिली है, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शिक्षकों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ गया है, वहीं भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना भी एक चुनौती बन गयी है। स्थिति इतनी विकट है कि जिले के अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों को अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। कहीं एक शिक्षक तो कहीं सामूहिक सहयोग से काम चलाया जा रहा है। नगवा सुरही स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद इकबाल कासिम ने बताया कि उधारी मिलने के रास्ते भी बंद हो गए हैं। स्थानीय दुकानदार अब उधार सामान देने से मना कर रहे हैं, जिससे शिक्षकों को मजबूरन अपनी जेब से नकद देकर सामान खरीदना पड़ रहा है। उन्होंन...