ललितपुर, जून 11 -- ललितपुर। लक्ष्य के करीब पहुंची गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर जिम्मेदार भले ही अपनी पीठ थपथपा रहे हों लेकिन किसान इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनके मुताबिक इस बार खरीद में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ। चकबंदी वाले गांवों के किसानों की आड़ में कम जोत पर कई गुना उपज की तुलाई कराई गई। गेहूं खरीद में फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता का नियम जनपद में चकबंदी प्रक्रिया से जुड़े 78 गांवों के लगभग 40 हजार किसानों पर लागू नहीं किया गया था, ताकि वह लाभान्वित हो सकें। लेकिन, सही मायने में शासन की इस ढील का फायदा खरीद माफिया ने उठाया। एफपीओ और निजी संस्थाओं के शातिर लोगों ने चकबंदी वाले गांवों के किसानों से हाथ मिलाया और उनके कागजों पर हेरफेर करके भारी मात्रा में गेहूं की खरीद कर ली। इनके केंद्र प्रभारियों ने एक हेक्टेयर पर 42 कुंतल गेहूं खरीद के मानक की...